Thursday, 8 October 2015

वायुपुत्रों की शपथ (Vayuputron ki Shapath)- अमीश




यह शिव नाम के एक कबाइली हीरो की कहानी है, जो इंसान से भगवान तक का सफर तय करता है। शिव यहां अपनी पौराणिक गाथा से अलग एक नए एडवेंचर में दिखते हैं। कहानी में जबर्दस्त ड्रामा, सस्पेंस, एंटरटेनमेंट और झटकेबाजी है, जो पाठक को बांधे रखती है। लेकिन कहानी का वक्त आज का नहीं, हजारों बरस पहले का है, जब भारत में भगवान राम का बनाया हुआ मेलुहा साम्राज्य हुआ करता था। यानी यह शिव की मॉडर्न कथा नहीं है। इसे एक नया पुराण या मिथक कहा जा सकता है।

शिव अपनी शक्तिया जुटा रहा है। वह नागाओ की राजधानी पंचवटी पहुचता है और अंततः बुराई का रहस्य सामने आता है। नीलकंठ अपने वास्तविक शत्रु के विरुद्ध धर्मा युद्ध की तैयारी करता है। एक ऐसा शत्रु जिसका नाम सुनते ही बड़े से बड़ा योद्धा थर्रा जाता है।

एक के बाद एक होने वाले नृशंश युद्ध से भारतवर्ष की चेतना दहल उठेगी। ये युद्ध भारत पर हावी होने का षड्यंत्र है| अपने साहस से वह वायुपुत्र तक पहुचता है, जो अब तक उसे अपनाने को तैयार नहीं थे।

क्या वह सफल हो पायेगा? और बुराई से लड़ने का क्या मूल्य चुकाना पड़ेगा भारतवर्ष को? और शिव की आत्मा को?


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Wednesday, 7 October 2015

टू स्टेट्स (Two States)- चेतन भगत (हिंदी)


'टू स्टेट्स : द स्टोरी ऑफ़ माय मैरिज' चेतन भगत द्वारा २००९ में लिखा गया एक उपन्यास है। यह भारत के दो अलग अलग राज्यों से जुड़े एक युगल की प्रेम कहानी है, जिनके माता पिता इस प्रेम विवाह के विरुद्ध हैं। यह एक काल्पनिक कथा है, जोकि मुख्य रूप से लेखक और उसकी पत्नी अनुषा की वास्तविक कहानी से प्रेरित मानी जाती है।

संक्षेप

टू स्टेट्स - द स्टोरी ऑफ़ माय मेरिज ("दो प्रदेश - मेरी शादी की कहानी " हिंदी शीर्षक) एक उपन्यास है जो इसके लेखक चेतन भगत की शादी की वास्तविक कहानी से प्रेरित है। कहानी की शुरुआत कृष नाम के एक पंजाबी लड़के से होती है जो अहमदाबाद के आईआईएम कॉलेज का छात्र है, वही उसकी मुलाकात अनन्या स्वामीनाथन नाम की एक लड़की से होती है। दोनों कॉलेज की कैंटीन में मिलते हैं और वही उनकी दोस्ती हो जाती है। कृष और अनन्या हर दिन एक साथ पढाई करना शुरू कर देते हैं। कृष धीरे धीरे अनन्या को पसंद करने लगता है लेकिन अनन्या को पहले भी कई बार लड़कों के प्रेम प्रस्ताव मिल चुके होते हैं लेकिन अनन्या सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर देती है इसलिए कृष अनन्या को अपने प्यार के बारे में कुछ नहीं बताता है। कृष कुछ दिनों बाद अनन्या के साथ पढाई करना बंद कर देता है और उसकी उपेक्षा करने लगता है जिसके कारन एक रात अनन्या कृष के कमरे में जाकर इसका कारण पूछती है तब कृष उसे अपने प्यार के बारे में बताता है। अनन्या इस बात को सुनकर हसने लगती है और वो भी कृष के प्रति अपने प्यार के बारे में उसे बता देती है और इसके बाद ही दोनों की प्रेम कहानी की शुरुआत होती है। वे दोनों एक दुसरे के साथ शादी करने का फैसला कर लेते हैं और हर रात एक साथ पढाई करने लगते हैं, कक्षा में भी एक दुसरे की तरफ ही देखते रहते हैं, इस बीच अनन्या और कृष के बीच कई बार शारीरिक सम्बन्ध भी बन चुके होते हैं। अपनी पढाई के बाद दोनों को उनकी इच्छाओ के अनुसार नौकरी भी मिल जाती है। नौकरी मिलने के बाद वे दोनों शादी करने के लिए अपने अपने माता पिता को समझाने की कोशिश करते हैं लेकिन दोनों अलग अलग समुदाय एवं प्रदेश के रहवासी होने के कारण दोनों के माता पिता शादी के लिए इंकार कर देते हैं और फिर यहाँ से होती है दोनों की शादी के लिए संघर्ष की शुरुआत. इस उपन्यास में कृष और अनन्या की शादी के लिए किये गए संघर्ष को दर्शाया गया है।


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Tuesday, 6 October 2015

फिफ्टी शेड्स ऑफ़ ग्रे (Fifty Shades of Grey)




विश्व में सबसे सर्वाधिक बिकने वाला उपन्यास

एक ऐसी किताब, जो दुनिया भर में पढ़ी जा रही है, जिसकी महज एक बरस में 700 लाख से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं, जिसने कमाई के सारे रेकॉर्ड्स तोड़ डाले हैं, जिसकी तारीफ और कमियां गिनाते-गिनाते समीक्षक थकते नहीं, वह किताब अब हिंदी में छपकर आई है। ब्रिटिश लेखिका ई. एल. जेम्स के लिखे इस उपन्यास का नाम है, 'फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे'। उपन्यास ने पिछले वर्ष प्रकाशन के फौरन बाद लोगों का ध्यान जिन वजहों से सबसे ज्यादा खींचा, वह थी इसके मुख्य किरदार उद्योगपति किगस्टियन ग्रे की जिंदगी की स्याह सचाइयां। इन स्याह सचाइयों का दायरा बड़ा है लेकिन लेखिका ने 27 साल के इस बेहद कमांडिंग, कंट्रोलिंग और कामयाब शख्स की निजी जिंदगी पर अपना फोकस रखा है। ग्रे ने अपनी निजी जिंदगी के दरीचे पर आवाजाही की बहुत कम गुंजाइश रखी है। लोगों के लिए ग्रे की गुत्थी समझ से बाहर है।

ग्रे की डीकोडिंग होती है एनेस्टेसिया स्टील नाम की महिला के जरिए। अनजाने ही क्रिस्टियन ग्रे सरीखे कामयाब लेकिन अबूझ किरदार के आगे खुद को पाने वाली इस महिला का किरदार उपन्यास में गे नाम के ताले की कुंजी है। जितना गहरे मिस स्टील ग्रे की जिंदगी में पैठती जाती है, ग्रे उतनी ही बारीकियों में उभरकर सामने आता जाता है। लेखिका ई. एल. जेम्स ने इन दोनों किरदारों के बीच मिलाप और तनाव का सघन ताना-बाना बुना है। इस ताने-बाने के बीच सेक्शुअलटी की भूमिका सबसे अहम है। कभी गे समझे जाने वाले ग्रे का मिस स्टील के प्रति झुकाव और उस झुकाव को मनमाने ढंग से मोड़ने की ग्रे की आदत उपन्यास में ऐसे कई प्रसंगों की जगह बनाता जाता है, जो रोचक और रूमानी होने के साथ-साथ कई दफा इरॉटिक फिक्शन के करीब चले जाते हैं।

जो लोग 'फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे' के विश्वव्यापी पठन पर हैरान होते हैं, उनके लिए यह बात अब रहस्य नहीं रहनी चाहिए कि इसके मूल में सेक्शुअलटी को थीम बनाकर इसका लिखा जाना ही है। कुछ मायनों में यह दिलचस्प इसलिए भी है कि सेक्शुअलटी को ज्यादा बहुलता से साहित्य में पुरुषों ने ही उकेरा है। एक महिला लेखिका के द्वारा कामयाबी से ऐसा करने का इतिहास में सिर्फ यह दूसरा बड़ा प्रसंग है। ई. एल. जेम्स से पहले बीसवीं शताब्दी में अनाइस नीन ने ही इतना बोल्ड और प्रशंसित लेखन किया था।

जब साहित्य की छात्रा एनस्टेशिया स्टीले एक सफल उद्यमी क्रिस्टियन ग्रे का इंटरव्यू लेती है तो वह उसे बहुत ही आकर्षक परंतु दुसरो को डरा - धमकाकर  रखने वाला इंसान के रूप में पाती है .उसे पूरा यकीन है उनकी मुलाकात बहुत ही बुरी रही इसलिए वह उसे अपने दिमाग से हटाने की पूरी कोशिश करती हे , पर वह  सम्मोहन से अपने को बचा नहीं पाती  हे|

भोली और मासूम ऐना यह जानकर चौंक जाती है की वह उस इन्सान को चाहने लगी है और जब वह उसे अपने से दूर रहने की चेतावनी देता हे, तो उसकी तड़प व् चाह और भी गहरा जाती हे....पर ग्रे  अपने ही अदंर बसे राक्षस और दुसरो को बस में रखने की इच्छा से जूज रहा है .जब वे जनून से भरे प्रेम प्रसंग पर आगे बढ़ते हैं ,तो ऐना अपनी ही इच्छाओ को कही गहराई  से जान पाती है  और साथ ही उसे क्रिस्टियन की जिंदगी से जुड़े ऐसे राज  भी पता चलते है , जो उसने आज तक दुनिया की नजरो से छिपा रखे थे

एक ऐसा उपन्यास जो आपको दीवाना  बना देगा, आपके दिल पर छा  जायेगा और हमेशा आपके साथ रहेगा जिसकी ७ करोड़ से अधिक प्रतिया बिक चुकी है|


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नव विधान- शरतचंद्र

ब्रह्माण्ड का रहस्य (Brahmand ka Rahasya)

Monday, 5 October 2015

Half Girlfriend - Chetan Bhagat




Half Girlfriend is an Indian English coming of age, young adult romance fiction by Indian author, Chetan Bhagat. The novel, set in rural Bihar, New Delhi, Patna and New York, is the story of a Bihari Boy in quest of winning over the girl he loves. This is Bhagat’s sixth novel and was released on October 1, 2014 by Rupa Publications. The novel has also been published in Hindi and Gujarati versions as well.

Dedicated to “non English-types”, the book divulges the sentiments and linguistic struggles of a backward rural Bhojpuri-laced Hindi speaking boy from Bihar as he enrolls himself at the prestigious English-medium St. Stephen’s College, New Delhi, and falls in love with a “high class English speaking rich Delhi girl”. The girl, not really interested in a relationship, agrees to be his “half girlfriend”. Chetan Bhagat commented, “Half-Girlfriend, to me, is a unique Indian phenomenon, where boys and girls are not clear about their relationship status with each other. A boy may think he is more than friends with the girl, but the girl is still not his girlfriend. Hence, I thought we needed a term like ‘Half girlfriend’. Because, in India, that is what most men get.”


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नागाओं के रहस्य (Nagaon ke Rahasya)




शिव! महादेव। देवों के देव। बुराई के विनाशक। भावुक प्रेमी। भीषण योद्धा। सम्पूर्ण नर्तक। चमत्कारी मार्ग दर्शक। सर्व-शक्तिमान, फिर भी सच्चरित्र। कुषाग्रबुद्धि और साथ ही साथ उतनी ही शीघ्रता और भयंकर रूप से क्रुद्ध होने वाले।

कई शताब्दियों से – विजेता, व्यापारी, विद्वान्, शासक, पर्यटक – जो भी हमारी भूमि पर आए, उनमें से किसी ने भी यह विश्वास नहीं किया था कि ऐसे महान् व्यक्ति सचमुच में ही अस्तित्व में थे। उनकी कल्पना रही थी कि वे पौराणिक गाथाओं के कोई ईश्वर रहे होंगे, जिनका अस्तित्व मात्र मानवीय कल्पनाओं के क्षेत्राधिकार में ही संभव हो सकता था। दुर्भाग्यवश यह विश्वास ही हमारा प्रचलित ज्ञान बन गया।

लेकिन अगर हम गलत हैं? अगर भगवान् शिव एक अच्छी कल्पना से कपोल-कल्पित नहीं थे, बल्कि रक्त एवं मांस के बने एक व्यक्ति थे। आपके और मेरे समान ही। ऐसे व्यक्ति जो अपने कर्म के कारण ईश्वर के समान हो गए हों। यही इस शिव रचना त्रय का आधार वाक्य है जो ऐतिहासिक तथ्यों के साथ-साथ काल्पनिक कथा का मिश्रण कर प्राचीन भारत की पौराणिक धरोहर की व्याख्या करता है।

यह पुस्तक भगवान् शिव को एवं उनके जीवन को एक श्रद्धांजलि है, जो हमें ढेर सारी शिक्षाएँ देती है। वे शिक्षाएँ जो समय एवं अज्ञानता की गहराई में खो गई थीं। वह शिक्षा जिससे हम सभी लोग एक बेहतर मनुष्य बन सकते हैं। वह शिक्षा कि प्रत्येक जीवित व्यक्ति में एक संभावित ईश्वर का वास होता है। हमें मात्र इतना करना है कि स्वयं को सुनना है।

मेलूहा के मृत्युंजय रचना त्रय की प्रथम पुस्तक है जो एक असाधारण नायक की जीवन यात्रा का वृत्तांत है। यह दूसरी पुस्तक है, जिसका नाम है – नागाओं का रहस्य। इस पुस्तक का हिंदी में अनुवाद विश्वजीत ‘सपन’ ने किया है।


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